बिहार की सड़कों पर भगवा दंगाइयों ने महिला को नंगा घुमाया, लगाए भारत माता के जयकारे

बिहार में स्वघोषित सुशासन की सरकार है. भले ही आए दिन बलात्कार, छेड़छाड़, मर्डर, किडनैपिंग, मॉब लिंचिंग जैसी संगीन वारदातें पेश आती हैं. एक बार फिर ऐसी घिनौनी और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जो अगर आप जिंदा हैं तो रूह कांप जाएगी. लेकिन अगर आपकी शर्म, संवेदना और शराफत मर चुकी हैं तो कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

बिहार में नीतीश सरकार के सुशासन की ये वो वीभत्स तस्वीर है, जिसे हम आपको बिना ब्लर किए दिखा भी नहीं सकते, तस्वीर इतनी शर्मनाक, खौफनाक और दर्दनाक कि आपको इस सभ्य समाज की शराफत से घिन्न आ जाएगी. समाज में छिपे वहशीपन और नंगेपन की वो तस्वीर जिससे हमें और आपको खुद से नफरत होने लगेगी।

सड़क पर नंगी दौड़ती-भागती एक मजबूर महिला और उसे पीटते ये शैतान. सुशासन की सरकार के वो दुशासन, जो इस महिला को बीच सड़क पर बिना कपड़ों के दौड़ाता रहा. उसकी इज्जत और आबरू को सरेआम नंगाकर नंगई की सारी हदें पार कर दी.

सभ्य समाज के किसी भी सज्जन को इस महिला में देवी तो छोड़िए बहन-बेटी या मां की तस्वीर नहीं उभरी. इस द्रौपदी के चीर-हरण रोकने से लेकर उसकी जान बचाने तक को कोई आगे नहीं बढ़ा. मानो भीड़ में मौजूद हर शख्स या तो तमाशबीन बन इस नंगी महिला को देखने में अपना पौरुष समझ रहा था, या हर कोई नपुंसक बन बैठा था.

आरा के बिहिया में रेलवे स्टेशन के पास हैवानियत का ये नंगा नाच सोमवार दोपहर हुआ. दरअसल, रेलवे स्टेशन के पास विमलेश कुमार नाम के युवक का शव बरामद हुआ था
लोगों को शक था कि यही महिला उसके कत्ल में शामिल है. सो कानून को ठेंगा दिखाते हुए फैसला ऑन द स्पॉट सुना दिया कि मार डालो इसे।

देखते ही देखते सैकड़ों की तादाद में लोग इकट्ठा हो गए, उन्मादी भीड़ ने महिला के घर पर हमला बोल दिया और घर को फूंक दिया. इसी बीच महिला को खींच कर सड़क पर ले आए. सरेआम उसके कपड़े फाड़ दिये गये और उसे नंगा कर दिया गया.

हैवानों का खेल यहीं नहीं रुका. उसे नंगा करके सड़क पर दौड़ा दिया. आगे-आगे महिला इज्जत और जान बचाने के लिए भागती रही और पीछे-पीछे भीड़ रुपी दुशासन. बिहिया में बीच सड़क पर ये शैतानी खेल घंटों चलता रहा. लेकिन काहे का सुशासन और काहे की पुलिस. घंटों बाद पुलिस पहुंची और कोरी कार्रवाई करने में जुट गई।

जाहिर है अब कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारियों पर गाज गिरेंगी. सरकार सख्ती का दावा करेगी, विपक्ष हाय-तौबा मचाएगा, फिर सब कुछ भुला दिया जाएगा. लेकिन सुशासन बाबू जवाब दीजिए क्या यही है आपका सुशासन, यही है महिला सुरक्षा का दावा, इसे ही कहते हैं कानून का राज, जहां महिला को नंगाकर बीच सड़क पर उसकी इज्जत उतारी जाती है. भला आपके प्रदेश में महिला खुद को कैसे सुरक्षित महसूस करेंगी. शर्मनाक शब्द भी इस समाज और सरकार के लिए छोटी पड़ जाती है।



Posted in: Hindi